बिहार चुनाव 2025 की पृष्ठभूमि: 70 साल के चुनावी इतिहास से क्या सीख मिलती है?

1952 से अब तक की वोटिंग, सत्ता परिवर्तन और राजनीतिक उतार-चढ़ाव का विस्तृत विश्लेषण

चुनाव वर्ष

कौन जीता (पार्टियाँ)

सीटें / वोट रिकॉर्ड

प्रमुख नेता / CM

क्यों यादगार रहा चुनाव

1952

भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (INC)

कांग्रेस — 239 सीटें

श्री कृष्ण सिंह (Shri Krishna Sinha) बने पहले चुने गए CM, और अनुग्रह नारायण सिन्हा बने डिप्टी CM.

यह पहला विधानसभा चुनाव था बिहार में और कांग्रेस का दबदबा था.

1962

कांग्रेस

कांग्रेस — 185 सीटें

बिनोदानंद झा (Binodanand Jha) बने CM.

मतदान कम (~44.5%) था, और कांग्रेस फिर से मजबूत रही.

1967

कोई पार्टी अकेले बहुमत में नहीं (फ्रैक्चर)

कांग्रेस सबसे बड़ी पार्टी (128 सीटें, ~33.09%)

महामाया प्रसाद सिन्ह (Mahamaya Prasad Sinha) (Jan Kranti Dal) बने CM, एक गठबंधन-सरकार से।

यह पहला चुनाव था जब कांग्रेस का प्रभुत्व टूटा और अन्य दलों ने मिलकर सरकार बनाई।

1977

जनता पार्टी (Janata Party)

जनता पार्टी — 214 सीटें

करपूरी ठाकुर (Karpoori Thakur) बने CM।

आपातकाल (Emergency) के बाद यह चुनाव हुआ था, और जनता पार्टी की बहुत बड़ी जीत हुई थी।

1980

कांग्रेस

कांग्रेस — 169 सीटें, वोट शेयर ~34.20%

जगन्नाथ मिश्रा (Jagannath Mishra) बने CM।

राष्ट्रपति शासन के बाद कांग्रेस लौटी।

1985

कांग्रेस

कांग्रेस — 196 सीटें, लोकप्रिय वोट ~9.56 मिलियन (~39.30%) 

बिंदेश्वरी दुबे (Bindeshwari Dubey) बने CM।

कांग्रेस ने फिर बहुमत बनाया; अन्य पार्टियों का असर कम रहा।

1995

जनता दल (Janata Dal)

JD — 167 सीटें, वोट ~9.67 मिलियन (~27.98%)

लालू प्रसाद यादव (Lalu Prasad Yadav) बने CM।

यह चुनाव जातीय और पिछड़े वर्ग की राजनीति का बड़ा टर्निंग पॉइंट बना (“विकास नहीं सम्मान” कैम्पेन)।

2025

एनडीए (NDA) – BJP + JD(U) गठबंधन

BJP: 89 सीटें – JD(U): 85 सीटें – अन्य NDA पार्टियाँ और LJP-RV आदि भी जीतीं।

नीतीश कुमार (Nitish Kumar) (JD(U)) रिकार्ड दसवीं बार CM बनने की राह पर।

यह चुनाव NDA की बड़ी वापसी था; BJP पहली बार बिहार में अकेले सर्वाधिक सीटें जीता, और महिलाएँ व युवा मतदान में बड़ी भूमिका निभा रहे थे।

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